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Bihar Building Bye Laws 2026: मकान बनाना होगा आसान, लैंड यूज बदलवाने की झंझट होगी खत्म

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Alam Ki Khabar: बिहार में नए बिल्डिंग बायलॉज-2026 लागू होने की तैयारी है। प्रस्तावित नियमों के तहत नक्शा स्वीकृत होते ही लैंड यूज परिवर्तन भी मान्य माना जाएगा। जानिए नए नियमों की पूरी जानकारी।

पटना, 17 जुलाई। आलम की खबर: बिहार में मकान और व्यावसायिक भवन बनाने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से तैयार बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026 के मसौदे पर प्राप्त सुझावों की जल्द समीक्षा की जाएगी। इसके बाद संशोधित ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। प्रस्तावित नियम लागू होने के बाद भवन निर्माण से जुड़े लोगों को लैंड यूज परिवर्तन के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नए प्रावधान के अनुसार यदि किसी भूखंड पर भवन निर्माण का नक्शा सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत हो जाता है, तो उसी के साथ उस जमीन का लैंड यूज परिवर्तन भी स्वीकृत माना जाएगा। इससे अलग अनुमति या एनओसी लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से विशेषकर पटना और आसपास के हजारों लंबित आवासीय एवं व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी। मसौदे में शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत उपयोग से जुड़े कई नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। वहीं सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए भवन स्वीकृति में सड़क की वास्तविक चौड़ाई को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। यदि कोई मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करना चाहता है तो पहले से विकसित क्षेत्रों में कम से कम 9 मीटर तथा नए विकसित क्षेत्रों में 12 मीटर चौड़ी सड़क अनिवार्य होगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क और अन्य मानकों का भौतिक सत्यापन करेंगे। सभी मानक पूरे होने पर ही कम्प्लीशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजनों के लिए कम से कम 1.8 मीटर चौड़ा बाधारहित मार्ग बनाना भी अनिवार्य किया गया है। विभाग का उद्देश्य निर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ-साथ सुरक्षित, सुगम और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा देना है। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो राज्य में भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

शहरी विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि नए बिल्डिंग बायलॉज लागू होने से निर्माण परियोजनाओं में देरी कम होगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को सरकारी प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। साथ ही सुरक्षा और सुगम पहुंच से जुड़े मानकों का पालन भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

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